एनआरएल ने गुवाहाटी में अपनी 32वीं वार्षिक आम बैठक आयोजित की
नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (एनआरएल) की 32वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) आज गुवाहाटी स्थित एनआरएल सेंटर में डॉ. रंजीत राठ की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में एनआरएल के शेयरधारकों, निदेशकों तथा कंपनी के वरिष्ठ प्रबंधन ने भाग लिया। बैठक के बाद आयोजित मीडिया ब्रीफिंग में क्षेत्र के मीडिया प्रतिनिधि एवं पत्रकार उपस्थित रहे और उन्होंने एनआरएल की विकास यात्रा, वर्तमान पहलों तथा भविष्य की योजनाओं पर अध्यक्ष से संवाद किया।
डॉ. राठ ने 14 सितंबर को नुमालीगढ़ में माननीय प्रधानमंत्री द्वारा विश्व के पहले बांस आधारित 2-जी जैव-एथेनॉल संयंत्र के उद्घाटन का उल्लेख किया, जो असम के माननीय मुख्यमंत्री, माननीय बंदरगाह, जहाजरानी एवं अंतर्देशीय जलमार्ग मंत्री, माननीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री तथा केंद्र एवं राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक परियोजना का संचालन भारत सरकार की आयात प्रतिस्थापन और ‘मेक इन इंडिया’ पहल के अनुरूप है तथा यह जैव-ऊर्जा परिवर्तन और स्थानीय संसाधनों के मूल्य संवर्धन में कंपनी की अग्रणी भूमिका को दर्शाता है।
माननीय प्रधानमंत्री ने नुमालीगढ़ में 360 केटीपीए पॉलीप्रोपाइलीन संयंत्र की आधारशिला भी रखी, जिसे एनआरएल द्वारा 7,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजना लागत से कार्यान्वित किया जाएगा। विस्तारित रिफाइनरी के साथ यह परियोजना एनआरएल के पेट्रोकेमिकल इंटेंसिटी इंडेक्स में 4 अंकों की वृद्धि करेगी।
अपने संबोधन में डॉ. राठ ने वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान एनआरएल के मजबूत प्रदर्शन को रेखांकित किया। 31 मार्च 2025 तक एनआरएल की नेट वर्थ 16,069 करोड़ रुपये के अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 25% की वृद्धि है। संचालन से प्राप्त राजस्व 23,731 करोड़ रुपये से बढ़कर 25,147 करोड़ रुपये हो गया, जो मार्जिन दबावों के बावजूद 6% की स्वस्थ वृद्धि को दर्शाता है।
वर्ष के दौरान कर-पूर्व एवं कर-पश्चात लाभ (PBT एवं PAT) क्रमशः 2,215 करोड़ रुपये और 1,608 करोड़ रुपये रहे, जबकि पिछले वर्ष ये आंकड़े 2,912 करोड़ रुपये और 2,160 करोड़ रुपये थे। लाभ में यह कमी मुख्यतः वैश्विक बाजार में कच्चे तेल और उत्पादों की कीमतों के बीच अंतर घटने के कारण हुई, जिससे ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन (GRM) 13.17 डॉलर प्रति बैरल से घटकर 5.14 डॉलर प्रति बैरल रह गया। कंपनी ने वर्ष के दौरान अब तक का सर्वाधिक पूंजीगत व्यय 9,038 करोड़ रुपये दर्ज किया।
डॉ. राठ ने बताया कि 2024-25 में एनआरएल की रिफाइनरी ने 100% से अधिक क्षमता उपयोग प्राप्त किया, जिसमें 3,066 टीएमटी कच्चे तेल का प्रसंस्करण किया गया — यह पिछले तीन वर्षों में दूसरी बार है। यह उपलब्धि ओआईएल और ओएनजीसी से प्राप्त 3,033 टीएमटी घरेलू कच्चे तेल तथा 22 टीएमटी आयातित कच्चे तेल के कारण संभव हो सकी। 86.7% की डिस्टिलेट यील्ड के साथ एनआरएल देश की पीएसयू रिफाइनरियों में सर्वश्रेष्ठ रही।
उच्च रिफाइनरी थ्रूपुट के अनुरूप, वर्ष के दौरान डीजल उत्पादन 2,044 टीएमटी रहा। एमएस (मोटर स्पिरिट) और वैक्स का उत्पादन क्रमशः 725 टीएमटी और 50 टीएमटी के ऐतिहासिक उच्च स्तर पर पहुंच गया। रिफाइनरी से सटे एलपीजी बॉटलिंग संयंत्र ने अपनी निर्धारित क्षमता से अधिक संचालन किया, जिससे 64 टीएमटी पैक्ड एलपीजी का उत्पादन हुआ।
विपणन के मोर्चे पर, 3,125 टीएमटी के साथ अब तक का सर्वाधिक बिक्री मात्रा दर्ज की गई, जो 2022-23 के पूर्व रिकॉर्ड 3,019 टीएमटी से अधिक है। एमएस, वैक्स और सल्फर की बिक्री क्रमशः 707 टीएमटी, 49 टीएमटी और 6 टीएमटी के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंची। एचएसडी की बिक्री 2,030 टीएमटी रही। आरपीसी और सीपीसी की बिक्री क्रमशः 44 टीएमटी और 57 टीएमटी रही।
परियोजना क्रियान्वयन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है, जहां रिफाइनरी विस्तार परियोजना ने अब तक 81% भौतिक प्रगति और 78% वित्तीय प्रगति हासिल की है, जो सरकार की प्रतिबद्धताओं के अनुरूप है।
कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के मोर्चे पर, अध्यक्ष ने सामाजिक कल्याण और सामुदायिक विकास की विभिन्न योजनाओं पर वर्ष के दौरान 80 करोड़ रुपये से अधिक के व्यय के साथ एनआरएल की मजबूत सामाजिक प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। विवेकानंद केंद्र एनआरएल (VKNRL) अस्पताल और VKNRL स्कूल ऑफ नर्सिंग नुमालीगढ़ रिफाइनरी के आसपास के क्षेत्रों में समुदायों को निरंतर चिकित्सा सुविधाएं और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
डॉ. राठ ने जोर देकर कहा कि एनआरएल अनुशासित ढंग से विस्तार परियोजनाओं के क्रियान्वयन और मजबूत परिचालन प्रदर्शन के संयोजन के साथ एक सुदृढ़ विकास पथ पर अग्रसर है। उन्होंने एआई-संचालित स्मार्ट ट्रक पार्किंग, डिजिटल ट्विन अनुप्रयोग और 5जी मोबाइल सक्षम व्यावसायिक प्रक्रियाओं जैसी अग्रणी डिजिटल नवाचारों का उल्लेख किया, जो रिफाइनिंग क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रहे हैं।
अपने संबोधन के समापन में, डॉ. राठ ने 9 एमएमटीपीए की परिकल्पित रिफाइनरी क्षमता वृद्धि के साथ भारत की ऊर्जा सुरक्षा के एजेंडे को आगे बढ़ाने के एनआरएल के दृष्टिकोण की पुनः पुष्टि की, साथ ही आत्मनिर्भर भारत, नेट ज़ीरो प्रतिबद्धता और स्थानीय समुदाय विकास के मिशन के साथ तालमेल बनाए रखने पर बल दिया।
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पृष्ठ अंतिम अपडेट तिथि: 27-11-2025 12:00 AM